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Shiv Jal Abhishek

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Human Mind will Change Now

Shadow of fear of death
 Not a shadow
 A silent question in every eye
 How will corona die
 How will be the first happiness
 How will unemployment slow down
 Suggest no concrete solution
 Scientists are also looking for a fool
 Good thing too
 Everyone except human has been pleased
 As if the creator had rebuilt the earth
 From the earth to the sky is full of pride
 Human's body is burnt
 His spread terror is dead
 River drains all being clean
 Thank the creator all together
 How has this phase come
 New age is realized
 Maybe now the era will change
 Washed away by death bed
 Human mind will be clean now

मौत के खौफ का शोर छाया 
एक नहीं चहुं ओर छाया
हर आंख में एक मौन प्रशन
कैसे होगा कोरोना मरण
कैसे होगी पहली सी खुशहाली
कैसे होगी बेरोजगारी की मंदहाली
सुझे ना कोई ठोस उपाय
विज्ञानी भी ढूंढ रहे बौखलाय
अच्छी बात भी एक हुई है
मानव को छोड़ सारी प्रक्ति प्रसन्न हुई है
मानों विधाता ने धरा पर पुनर्निर्माण किया हो
धरा से नभ तक अपनी सता का दंभ भरा हो
मानव के अंहम का दहन हुआ है
उसके फैलाय आतंक का मरण हुआ है
नदी नाले सब निर्मल होकर
करें विधाता का धन्यवाद सब एक जुट होकर
कैसा यह दौर आया है
नव युग का आभास हुआ है
शायद अब युग बदलेगा
मृत्यु शय्या के भय से धुलकर
मानव मन अब निर्मल होगा

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